Skip to main content

एक बार ये दुआ अपनी जिंदगी में आजमा कर देखें | Dua|| Morning prayer night prayer |

खूबसूरत जिंदगी का राज़ है, 
         दुआ की जाए,
     और दुआ ली जाए| 

जो लोग दुसरो को अपनी दुआओं में शामिल करते हैं, 
 खुशियां सबसे पहले उन्हीं के दरवाजे पे दस्तक देती हैं| 

मुश्किल वक़्त में हमेशा दुआ करें, 
क्यूंकि जहां इंसान का हौसला खत्म हो जाता है, 
वहाँ ख़ुदा की रहमत शुरू हो जाती है| 

वो गुनहगार की भी दुआ सुनता है ,
ऐ इंसान हाथ मायूस नहीं होंगे ,
   उठा कर तो देख| 

हम ये प्रार्थना न करे की हमारे ऊपर दुख ना आए,
बल्कि ये प्रार्थना करें की हम में उनका सामना करने की हिम्मत आए| 

कोई रास्ता नहीं एक दुआ के सिवा,
क्यूंकि कोई सुनता नहीं एक ख़ुदा के सिवा| 

दुआओं का कोई रंग नहीं होता,
मगर जब दुआ रंग लती है,
तो आपकी जिंदगी रंगो से भर जाती है|  

वो तैरते तैरते भी डूब गए,
जिन्हें खुद पर गुमान था,
वो डूबते डूबते भी तर गए,
जिन पर तू मेहरबान था| 

मैं रोज़ गुनाह करता हूँ,
वो रोज़ बख्श देता है,
मैं आदत से मजबूर हूँ,
वो रहमत से मशहूर है| 

थोड़ी सी इबादत बहुत सा सिला देती है,
और छोटी सी दुआ, अर्श भी हिला देती है| 

जब भी किसी को दुआ दो,
तो अच्छी और दिल से देना,
क्योंकि वो दुआ पहले आपके अपने  हक़ में क़बूल होता है|    

ये भी एक दुआ है खुदा से,
किसी का दिल ना दुखे हमारी वजह से,
ऐ खुदा कर दे कुछ ऐसी इनायत हम पे, 
की खुशियां ही मिले सबको हमारी वजह से| 

दुआ जुबां से नहीं दिल से निकलती है,
क्यूंकि दुआ तो उनकी भी कबूल होती है,
     जिनकी जुबां नहीं होती|

इंसान का मुकदर उतनी बार बदलता है,
जितनी बार वो खुदा से दुआ करता है| 

जो जिसे चाहता हो, वो उसे मिल जाए,
बहुत रुलाती है ये, अधूरी मोहब्बत|

आंखों में नमी रखना,
होठों पे दुआ रखना,
ख़ुदा जरूर मिलने आयेंगे,
बस अपने दिल का दरवाजा खुला रखना| 

ना दौलत से ना दुनिया से,
ना घर आबाद करने से,
तस्सली दिल को मिलती है,
ख़ुदा को याद करने से| 

ख़ुदा मंजूर करता है,
सदा जो दिल से होती है,
लेकिन मुश्किल ये है,
की ये बात बड़ी मुश्किल से होती है| 

डूबने का दर मुझे हो तो कैसे हो,
मै तेरा, किस्ती तेरी,
दरिया तेरा, साहिल तेरा| 

"मैं"  से जब तक जुदा नहीं होता,
आदमी में खुदा नहीं होता,
अपने दिल को टटोल कर देखो,
 ये फासला बेवजह नहीं होता| 

अगर माँगना ही है तो खुदा से मांग,
    जो जुबां पे आने से पहले, 
     दुआ की वजह जनता है| 


दुआ से इबादत है, दुआ से बरकत है,
दुआ से हिफ़ाज़त है, दुआ से ही माफ़ी है,
    दुआ करना कभी न भूलना,
क्यूंकि दुनिया में सबको दुआ की जरुरत है| 



    




Comments

Post a Comment

Popular posts from this blog

ये कविता आपकी सोच को पूरी तरह बदल कर रख देगी || Life changing Poetry

                                                  नोबेल पुरस्कार विजेता स्पेनिश कवि पाब्लो नेरुदा की कविता  “You  Start  Dying  Slowly” का हिन्दी अनुवाद…                                                                                                  आप धीरे-धीरे मरने लगते है, अगर आप:   करते नहीं, कोई यात्रा,  पढ़ते नहीं ,कोई किताब,  सुनते नहीं, जीवन की ध्वनियाँ,  करते नहीं, किसी की तारीफ,              आप धीरे-धीरे मरने लगते है, अगर आप: मार डालते है, अपना स्वाभिमान, नहीं करने देते है मदद अपनी और न ही करते है मदद दु...

जब कोई लड़का अपने Love को याद करता है तो वो उसकी याद में इस शायरी को लिखता है, सच में ये शायरी आपको आपके प्यार की याद दिला देगी || Yaad||

उसकी याद अब भी क्यों आ जाती है... सारा दिन सारी रात हमको क्यों तड़पाती हैं, ऐसा लगता है कि अब ये साँस भी टूट जाती है,  यार उसकी याद अब भी क्यों आती है  आज भी उसे देखने पर ये दिल दर्द से भर जाता है,  ये आँखे भी आँसू बहाय रह नहीं पाती है, यार उसकी याद अब भी क्यों आती है  आज भी जब उसको किसी और के साथ देखता हूँ, तो हर पल ये दिल मर-मर जाता है, लेकिन क्या करू किसी से कुछ कह नहीं पाता है बस एक खालीपन सा लिये कही दूर चला जाता है, फिर भी उसकी याद पीछे से आती है, हमेशा की तरह दिल में दर्द दे जाती है, यार उसकी याद अब भी क्यों आती है उसके साथ बिताये लम्हो में हमको भर जाती है, उसके साथ बैठ के घंटो बात करना, कॉलेज जाते वक्त बाय-बाय करना,  अपने हाथो से चॉकलेट खिलाना, और रूठने पे बार-बार मानना ये हमेशा याद दिलाती है, यार.... उसकी याद अब भी क्यों आ जाती है...                                Author. Satyam Singh         ...